टाइफाइड और पैराटाइफाइड तथ्य पत्रक

टाइफाइड साल्मोनेला बैक्टीरिया के दो अलग-अलग सीरोटाइप (सिरमप्रारूप) के कारण होता है। यह खराब स्वच्छता या अनुपचारित पेयजल वाले देशों में आम है। कम विकसित देशों में दोस्तों और परिवार से मिलने जाने वाले लोगों के लिए टाइफाइड का टीका लगवाने की सख्त सलाह दी जाती है।

Last updated: 18 December 2025

टाइफाइड और पैराटाइफाइड क्या है?

टाइफाइड और पैराटाइफाइड, साल्मोनेला बैक्टीरिया की दो अलग-अलग प्रजातियों से होने वाली बीमारियाँ हैं। ये बीमारियाँ एक जैसी बीमारी का कारण बनती हैं। पैराटाइफाइड संक्रमण आमतौर पर टाइफाइड की तुलना में कम गंभीर और कम आम होते हैं।

ऑस्ट्रेलिया में, ज़्यादातर टाइफाइड और पैराटाइफाइड संक्रमण विदेशों से फैलते हैं। ये बीमारियाँ ऑस्ट्रेलिया में दुर्लभ हैं।

ये संक्रमण साल्मोनेला के अन्य प्रकारों से होने वाले संक्रमण से अलग हैं, जो आमतौर पर गैस्ट्रोएंटेराइटिस (गैस्ट्रो) का कारण बनते हैं।

टाइफाइड और पैराटाइफाइड के लक्षण क्या हैं?

लोगों को हल्के या गंभीर लक्षण हो सकते हैं। इन लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • लंबे समय तक बुखार रहना
  • पसीना आना
  • तेज सिरदर्द
  • सामान्य रूप से अस्वस्थ महसूस करना
  • पेट दर्द
  • दस्त या कब्ज
  • भूख न लगना और वजन कम होना।

टाइफाइड के लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 8-14 दिन बाद दिखाई देने लगते हैं। लक्षण संक्रमण के 3 दिन बाद या फिर 60 दिन बाद भी दिखाई दे सकते हैं। पैराटाइफाइड के लक्षण आमतौर पर 1-10 दिनों के भीतर दिखाई देते हैं।

अगर इनका इलाज न किया जाए, तो टाइफाइड और पैराटाइफाइड जानलेवा हो सकते हैं। लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से बात करना ज़रूरी है।

ज़्यादातर लोग इलाज के बाद कई सप्ताहों में पूरी तरह ठीक हो जाते हैं और लक्षण आमतौर पर एक सप्ताह में बंद हो जाते हैं।

कुछ लोगों में बीमारी के कोई लक्षण न होने पर भी, उनके मल और/या मूत्र में एक साल से ज़्यादा समय तक बैक्टीरिया मौजूद रहते हैं। इन लोगों को वाहक (कैरियर्स) कहा जाता है और ये दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं।

टाइफाइड और पैराटाइफाइड कैसे फैलता है?

टाइफाइड उन देशों में ज़्यादा आम है जहाँ साफ़-सफ़ाई की कमी है, हाथों की सफ़ाई और खाने-पीने की संभाल से जुड़े मानकों का पालन नहीं होता है और पीने का पानी साफ़ नहीं होता है।

टाइफाइड और पैराटाइफाइड पैदा करने वाले बैक्टीरिया संक्रमित व्यक्तियों के मल और कभी-कभी उनके मूत्र में भी पाए जाते हैं।

टाइफाइड और पैराटाइफाइड तब फैलते हैं जब लोग मल से दूषित भोजन खाते या पानी पीते हैं। मक्खियाँ इन जीवाणुओं को भोजन में स्थानांतरित कर सकती हैं, या भोजन दूषित पानी में उगाया, तैयार या संग्रहीत किया गया हो सकता है।

कम विकसित देशों में बिना पके फल, सब्ज़ियाँ और शेलफिश खाने से बचना चाहिए।

टाइफाइड और पैराटाइफाइड होने का खतरा किसे है?

ऑस्ट्रेलिया में, टाइफाइड और पैराटाइफाइड अक्सर केवल उन लोगों में पाया जाता है जो ऐसे क्षेत्रों की यात्रा करते हैं जहाँ ये बीमारियाँ आम हैं।

जो लोग विकासशील देशों (विशेषकर भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश) में दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलने जाते हैं, उन्हें इस बीमारी के होने का सबसे ज़्यादा खतरा होता है।

जो लोग किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ रहते हैं, या जो लोग टाइफाइड या पैराटाइफाइड से संक्रमित व्यक्ति के साथ यात्रा कर चुके हैं, उन्हें टाइफाइड की जाँच करवानी चाहिए।

अगर उनमें लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें अपने सामान्य चिकित्सक (जनरल प्रैक्टिशनर) से मिलना चाहिए।

टाइफाइड और पैराटाइफाइड की रोकथाम कैसे की जाती  है?

जिन देशों में टाइफाइड और पैराटाइफाइड आम हैं, वहाँ जाने वाले लोगों को:

  • शौचालय जाने के बाद और खाना खाने से पहले कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से हाथ अच्छी तरह धोने चाहिए।
  • फलों और सब्जियों सहित कच्चे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए (जब तक कि आप उन्हें खुद छील न सकें)।
  • बोतलबंद या उबला हुआ पानी पीना चाहिए (यहाँ तक कि दाँत ब्रश करते समय भी)।
  • बिना उपचारित पानी नहीं पीना चाहिए, जिसमें बर्फ और पानी में मिलाए गए पेय शामिल हैं।
  • सड़क के स्टॉल पर बिकने वाला भोजन खाने से बचना चाहिए।
  • सुनिश्चित करें कि गर्म खाना अच्छी तरह पका हो और गर्म ही खाया जाए।

दो साल और उससे ज़्यादा आयु के उन सभी लोगों के लिए टाइफाइड का टीका लगवाने की सलाह दी जाती है जो उन देशों में जाते हैं जहाँ टाइफाइड और पैराटाइफाइड आम हैं।

पैराटाइफाइड के लिए कोई टीका उपलब्ध नहीं है।

जिन लोगों को टाइफाइड या पैराटाइफाइड है, या जो टाइफाइड से संक्रमित किसी व्यक्ति के साथ घर साझा करते हैं:

  • उन्हें यह दिखाने के लिए कई मल परीक्षण करवाने होंगे कि वे अभी भी संक्रामक हैं या नहीं।
  • यदि उनका काम भोजन तैयार करना या बच्चों, रोगियों या बुजुर्गों की देखभाल करना है, तो उन्हें तब तक काम नहीं करना चाहिए जब तक कि उनकी स्थानीय सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाई उन्हें काम पर लौटने की सलाह न दे।
  • जब तक मल के नमूनों से यह पता न चल जाए कि वे संक्रामक नहीं हैं, तब तक उन्हें दूसरों के लिए भोजन नहीं बनाना चाहिए।

टाइफाइड और पैराटाइफाइड का निदान कैसे किया जाता है?

टाइफाइड और पैराटाइफाइड का निदान करने के लिए, आपका डॉक्टर या स्थानीय अस्पताल रक्त या मल के नमूने की जाँच करेगा।

टाइफाइड और पैराटाइफाइड का इलाज कैसे किया जाता है?

टाइफाइड और पैराटाइफाइड का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जा सकता है। जिन लोगों में कोई लक्षण नहीं होते हैं, लेकिन वे टाइफाइड या पैराटाइफाइड से संक्रमित हो सकते हैं, उनके इलाज के लिए एंटीबायोटिक उपचार की आवश्यकता होती है।

यदि लक्षण गंभीर हैं, तो अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है।

जन स्वास्थ्य प्रतिक्रिया क्या है?

डॉक्टरों, अस्पतालों और प्रयोगशालाओं को टाइफाइड या पैराटाइफाइड के मामलों की सूचना स्थानीय जन स्वास्थ्य इकाई को देनी होगी।

जन स्वास्थ्य इकाई के कर्मचारी डॉक्टर या मरीज़ (या देखभालकर्ताओं) से बातचीत करके यह पता लगाएँगे कि संक्रमण कैसे हुआ।

न्यू साउथ वेल्स खाद्य प्राधिकरण, न्यू साउथ वेल्स स्वास्थ्य के सहयोग से, टाइफाइड या पैराटाइफाइड से पीड़ित खाद्य पदार्थों के संचालकों की पर्यावरणीय जाँच के लिए ज़िम्मेदार है।

आपकी स्थानीय जन स्वास्थ्य इकाई काम और स्कूल से बाहर रखे जाने के बारे में आगे सलाह दे सकती है। काम से बाहर रखे गए लोगों को काम पर लौटने की अनुमति देने से पहले कई मल परीक्षण करवाने होंगे।

अतिरिक्त संसाधन

अधिक जानकारी के लिए, मुफ़्त और गोपनीय भाषा सहायता के लिए अनुवाद एवं दुभाषिया सेवा (TIS) को 131 450 पर कॉल करें। उन्हें अपनी भाषा बताएँ और बताएँ कि आप इनसे बात करना चाहते हैं:

  • अपकी स्थानीय जन स्वास्थ्य इकाई से 1300 066 055 पर
  • 24 घंटे निःशुल्क स्वास्थ्य सलाह के लिए 1800 022 222 पर healthdirect से
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