मीज़ल्स एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है जिससे गंभीर जटिलताएँ हो सकती हैं। यह विश्वभर में कुछ जगहों पर 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है।
पहले के समय में, ऑस्ट्रेलिया में बच्चों में मीज़ल्स के संक्रमण का खतरा बहुत आम था। 1966 से पहले पैदा हुए अधिकांश लोग बचपन में मीज़ल्स से संक्रमित रहे होंगे और उनमें प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) विकसित होने की संभावना है।
टीकाकरण की वजह से अब ऑस्ट्रेलिया में मीज़ल्स की समस्या बहुत कम है।
लेकिन, विश्वभर में कुछ जगहों पर अभी भी मीज़ल्स का खतरा आम है, और कई देशों में यह बड़े स्तर पर फैलता रहता है। विदेश यात्रा करने वाले या ऑस्ट्रेलिया आने वाले लोग अपने साथ यह बीमारी ला सकते हैं, जिसकी वजह से मीज़ल्स हमारे समुदाय में फैल सकता है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप अपनी और अपने समुदाय की सुरक्षा के लिए टीका लगवाना सुनिश्चित करें।
यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि 1966 में या उसके बाद पैदा हुए प्रत्येक व्यक्ति ने मीज़ल्स वैक्सीन की दो खुराकें ली हों।
इसके पहले लक्षणों में बुखार, थकान, खांसी, नाक का बहना, आंखों में दर्द या लाल होना और तबीयत खराब होना शामिल है। कुछ दिनों के बाद दाने हो जाते हैं। दाने चेहरे से शुरू होकर पूरे शरीर पर फैल जाते हैं और 4-7 दिनों तक रहते हैं। दानों में खुजली नहीं होती है। कुछ लोगों को, विशेषकर छोटे बच्चों को, दस्त भी लग सकते हैं।
मीज़ल्स के लक्षण आमतौर पर वायरस के संपर्क में आने के 10 दिन बाद शुरू होते हैं, लेकिन ये कभी-कभार सात दिनों के अंदर ही या फिर 18 दिन बाद भी दिख सकते हैं। दाने आमतौर पर मीज़ल्स के वायरस के संपर्क में आने के लगभग 14 दिन बाद दिखाई देते हैं।
मीज़ल्स एक गंभीर बीमारी है। मीज़ल्स से पीड़ित तकरीबन एक तिहाई लोगों को जटिलताओं का सामना करना पड़ता है और कई लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की ज़रूरत पड़ती है। मीज़ल्स की जटिलताओं में कान में संक्रमण, दस्त लगना और निमोनिया की समस्या शामिल हो सकती है। मीज़ल्स से पीड़ित हर 1000 लोगों में से लगभग एक को दिमाग में सूजन (एन्सेफलाइटिस) जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है।
मीज़ल्स आमतौर पर तब फैलता है जब किसी संक्रामक व्यक्ति के खांसने या छींकने से मीज़ल्स का वायरस हवा में फैल जाता है और फिर सांस के माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करता है।
मीज़ल्स इंसानों में सबसे आसानी से फैलने वाले संक्रमणों में से एक है। मीज़ल्स से पीड़ित व्यक्ति के साथ एक ही कमरे में रहने से भी संक्रमण हो सकता है।
मीज़ल्स से पीड़ित लोग आमतौर पर लक्षण शुरू होने से ठीक पहले से लेकर शरीर पर दाने निकलने के चार दिन बाद तक संक्रामक होते हैं।
लोगों को मीज़ल्स से पीड़ित होने का जोखिम तब होता है:
कई देशों में मीज़ल्स का खतरा आम है, और अक्सर यह बड़े स्तर पर फैलता है। विदेश यात्रा करने वाले उन लोगों को मीज़ल्स का खतरा रहता है जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है।
मीज़ल्स से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण है। मीज़ल्स की वैक्सीन की दो खुराकें (कम से कम चार हफ़्ते के अंतराल पर) लेने वाले 99% लोग लंबे समय तक, संभवत: ज़िंदगी भर सुरक्षित रहते हैं।
विदेश यात्रा करने की योजना बनाने वाले लोगों को अपने GP या फार्मासिस्ट से टीकाकरण के बारे में बात करनी चाहिए, उन्हें यह जाँच कर लेनी चाहिए कि उनका टीकाकरण अप-टू-डेट है, और उन्हें ऑस्ट्रेलिया छोड़ने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्होंने मीज़ल्स वैक्सीन की पूरी खुराकें ली हों।
ऑस्ट्रेलिया में, नेशनल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम (राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम) (NIP) के तहत इन उम्र के बच्चों को मीज़ल्स वैक्सीन की दो खुराकें निशुल्क दी जाती हैं:
ये वैक्सीन मम्प्स, जर्मन मीज़ल्स (रूबेला), और चिकन पॉक्स (वैरिसेला) के साथ-साथ मीज़ल्स से भी बचाव करती हैं।
6 से 18 महीने की उम्र के शिशुओं के साथ विदेश यात्रा करने की योजना बनाने वाले लोगों को अपने GP को इस बारे में बताना चाहिए, क्योंकि मीज़ल्स के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने वाले शिशुओं को मीज़ल्स का टीका जल्दी लगाया जा सकता है।
1966 के दौरान या उसके बाद पैदा हुए प्रत्येक उस व्यक्ति को जो कभी भी मीज़ल्स से संक्रमित नहीं हुआ है, उन्हें अपने डॉक्टर से मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्होंने कम से कम चार हफ़्ते के अंतराल पर मीज़ल्स वैक्सीन की दो खुराकें ले ली हैं। यदि नहीं, तो NSW में वैक्सीन निशुल्क उपलब्ध है।
दो से अधिक बार वैक्सीन लगवाना सुरक्षित है, इसलिए जिन लोगों को यह मालूम नहीं है कि उन्हें वैक्सीन लगी है या नहीं, उन्हें इसे लगवा लेना चाहिए।
NSW में मीज़ल्स वैक्सीन जनरल प्रैक्टिशनर (डॉक्टर, जी.पी.) और टीकाकरण करने वाले पंजीकृत फार्मासिस्ट से मिल सकती हैं।
टीकाकरण करने वाले फार्मासिस्ट 5 साल से कम उम्र के बच्चों को मीज़ल्स वैक्सीन नहीं दे सकते हैं।
यदि किसी व्यक्ति के पास मीज़ल्स की वैक्सीन की दो खुराक लिए जाने का कोई प्रमाण नहीं है (जो NIP के तहत वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते हैं) तो उनके लिए वैक्सीन निशुल्क उपलब्ध होगी, लेकिन उन्हें फ़ार्मासिस्ट या डॉक्टर को वैक्सीन लगाने के लिए सेवा शुल्क का भुगतान करना पड़ सकता है।
और अधिक जानकारी के लिए मीज़ल्स वैक्सीनेशन अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न देखें।
जो लोग मीज़ल्स के लक्षणों से पीड़ित हैं, उन्हें स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों (जैसे आपातकालीन विभाग या GP) में जाने से पहले अपने लक्षणों के बारे में स्टाफ को फ़ोन द्वारा बताना चाहिए, ताकि मीज़ल्स को फैलने से रोकने के लिए उन्हें अन्य लोगों से दूर रखा जा सके।
मीज़ल्स से पीड़ित लोगों को तब तक घर में रहना चाहिए जब तक कि वे संक्रमण फैलाने के खतरे से दूर नहीं हो जाते हैं (अर्थात दाने शुरू होने के चार दिन बाद तक) ताकि इसे अन्य लोगों में फैलने से रोका जा सके।
यदि किसी व्यक्ति को बीमार जैसा महसूस हो, खांसी, नाक का बहना या आंखों में दर्द जैसे लक्षण हों और बुखार के बाद शरीर पर दाने हों, तो उसे मीज़ल्स हो सकता है।
यदि मीज़ल्स होने का शक हो, तो नाक, गले और यूरिन से सैंपल (मूत्र का नमूना) लेकर इसकी पुष्टि की जानी चाहिए। इसके लिए ब्लड-टेस्ट भी किया जा सकता है।
यह महत्वपूर्ण है कि मीज़ल्स होने की पुष्टि की जाए क्योंकि इससे मीज़ल्स होने के जोखिम वाले अन्य लोगों की जल्द से जल्द सार्वजनिक स्वास्थ्य जांच की जा सकती है।
मीज़ल्स के लिए कोई विशिष्ट उपचार नहीं है। मीज़ल्स से पीड़ित लोगों को आमतौर पर आराम करने, खूब सारे तरल पदार्थ लेने और बुखार के इलाज के लिए पैरासिटामोल लेने की सलाह दी जाती है।
इस बीमारी से कई लोगों की स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की ज़रूरत पड़ सकती है।
डॉक्टरों, अस्पतालों और प्रयोगशालाओं, स्कूलों और बाल देखभाल केंद्रों को मीज़ल्स के मामलों की जानकारी स्थानीय सार्वजनिक स्वास्थ्य यूनिट (पब्लिक हेल्थ यूनिट) को देने की आवश्यकता है।
स्थानीय सार्वजनिक स्वास्थ्य यूनिट का स्टाफ यह जानने के लिए डॉक्टर और मरीज़ (या देखभालकर्ताओं) का इंटरव्यू लेगा कि संक्रमण कैसे हुआ, संक्रमण के जोखिम वाले अन्य लोगों की पहचान करेगा, नियंत्रण के तरीकों (जैसे वैक्सीनेशन लगवाना और स्कूल या काम पर जाने से रोक) को लागू करेगा, और अन्य सलाह देगा।
मीज़ल्स से पीड़ित लोगों को घर पर ही रहना चाहिए और शरीर पर दाने शुरू होने के कम से कम चार दिन बाद तक काम, स्कूल या प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा एवं देखभाल सेवाओं में नहीं जाना चाहिए।
मीज़ल्स: संपर्कों के लिए जानकारी फ़ॉर्म में चिकित्सकों के लिए उपयोगी जानकारी शामिल की गई है, जो वे मीज़ल्स के संपर्कों को उनके आकलन और/या पोस्ट एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस के प्रावधान के बाद दे सकते हैं।
अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने स्थानीय सार्वजनिक स्वास्थ्य यूनिट को 1300 066 055 पर कॉल करें।
यदि आप या आपका बच्चा मीज़ल्स के लक्षणों से पीड़ित हैं और आप चिंतित हैं, तो यथाशीघ्र अपने डॉक्टर से बात करें, या आपातकालीन स्थिति होने पर 000 पर कॉल करें। आप Healthdirect को 1800 022 222 पर कॉल कर 24 घंटे निशुल्क स्वास्थ्य सलाह ले सकते हैं या अपने स्थानीय फार्मासिस्ट से बात कर सकते हैं।
क्योंकि मीज़ल्स अत्यधिक संक्रामक होता है, मीज़ल्स संपर्क वे लोग होते हैं जो मीज़ल्स से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं। इसमें मीज़ल्स से संक्रमित व्यक्ति के साथ एक ही कमरे में रहना या वेटिंग एरिया में प्रतीक्षा करना भी शामिल हो सकता है।
कोई भी व्यक्ति बिना पता चले मीज़ल्स के संपर्क में आसानी से आ सकता है, क्योंकि शरीर पर दाने शुरू होने से पहले ही संक्रमित व्यक्ति इसे फैला सकता है। इसलिए मीज़ल्स का टीकाकरण करवाना महत्वपूर्ण है, विशेषकर तब जब आप विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं।